K-Drama Bad Ending: हर K-drama फैन इस दर्द को समझ सकता है कि किसी सीरीज की शुरुआत इतनी कमाल होती है कि लगता है आपने अपना नया all-time favorite ढूंढ लिया है, लेकिन जैसे-जैसे आखिरी एपिसोड आता है, सब कुछ बिखरने लगता है। ऐसा लगता है जैसे writers ने बीच रास्ते में कहानी छोड़ दी हो या फिर ending इतनी अजीब कर दी हो कि दिल टूट जाए।
सोचो, आप पूरे हफ्ते excitement में इंतजार कर रहे हो कि अब क्या ट्विस्ट आएगा, और जब आखिरकार final episode देखो तो चेहरा बस यही कहे “क्या सच में ये खत्म हो गया?” बिलकुल उसी तरह जैसे Game of Thrones season 8 ने लाखों fans को confusion और disappointment में छोड़ दिया था।
K-dramas की दुनिया में भी कई ऐसे शो हैं जिनका build-up जबरदस्त रहा लेकिन ending ने उनका charm खराब कर दिया। कोई love story अधूरी रह गई, कोई thriller अचानक बिना logic के खत्म हो गया, तो कहीं किसी character का track ही गायब कर दिया गया।
ऐसे dramas हमें एक साथ हंसाते भी हैं और रुलाते भी हंसाते इसलिए क्योंकि याद आता है हमने कितनी उम्मीदें लगा ली थीं, और रुलाते इसलिए क्योंकि वो उम्मीदें पूरी तरह से टूटीं। यही reason है कि fans अब भी इन dramas को याद करके कहते हैं “यार, ये तो मेरा Game of Thrones season 8 बन गया।”
When The Phone Rings

When The Phone Rings ने दर्शकों को पूरी तरह से अपनी तरफ खींच लिया। कहानी एक शादीशुदा कपल पर आधारित है जो बिना प्यार और बिना जुड़ाव वाली जिंदगी जी रहा है। यू योन-सियोक का किरदार अपनी पत्नी को मुश्किल से पहचानता है, जबकि चाए सू-बिन का किरदार साफ तौर पर इस रिश्ते में तकलीफ झेल रहा है। दोनों के बीच का तनाव इतना गहरा है कि स्क्रीन पर आते ही दर्शकों को खिंचाव महसूस होता है।
फिर अचानक कहानी में एक ट्विस्ट आता है अपहरण का मोड़। यहीं से ड्रामा रोमांस, रहस्य और सस्पेंस के नए लेयर के साथ और दिलचस्प हो जाता है। दर्शक हर एपिसोड में और गहराई से डूबते चले जाते हैं। लेकिन जैसे-जैसे सीरीज आखिरी एपिसोड की तरफ बढ़ी, वैसे-वैसे इसकी पकड़ ढीली पड़ने लगी।
सू-बिन का किरदार बार-बार अपहरण की स्थिति में फँसता है, जो दोहराव सा लगने लगता है। और सबसे बड़ा झटका तब लगा जब योन-सियोक अचानक कहानी से ही गायब हो जाते हैं। कोई मजबूत वजह या भावनात्मक असर देने के बजाय, उनकी गैरहाजिरी एक बनावटी बहाने से समझाई जाती है।
फिनाले ऐसा महसूस हुआ जैसे ये उसी शो का हिस्सा ही नहीं था। कई फैंस ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे शॉक्ड और निराश हैं। हाँ, कपल आखिर में फिर से मिल जाता है, लेकिन जिस गहराई और उम्मीद के साथ दर्शकों ने इस सीरीज को शुरू किया था, उसका क्लाइमेक्स उस लेवल पर नहीं उतर पाया। फिर भी, अगर आपको रोमांस और सस्पेंस का मिक्स पसंद है तो When The Phone Rings एक बार जरूर देखने लायक है। ये अभी नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम कर रही है।
Big Mouth

K-drama की दुनिया में जब भी ली जोंग-सुक का नाम आता है, तो लोगों को revenge और intense ड्रामे की याद आती है। लेकिन Big Mouth ने इस पैटर्न को तोड़ दिया। इस शो में जोंग-सुक के साथ यूना भी नजर आईं और कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि फैंस के बीच खूब चर्चा होने लगी।
कहानी एक साधारण वकील की है जिसकी सफलता दर 10% से भी कम है। उसकी किस्मत ऐसी होती है कि वह लोन शार्क्स के चक्कर में फँस जाता है और धोखे का शिकार बन जाता है। इस वजह से उसकी पत्नी मी-हो, जिसे यूना ने निभाया है, काफी परेशान रहती है। लेकिन असली ट्विस्ट तब आता है जब शहर का मेयर खुद उससे एक बेहद संदिग्ध केस लड़ने का अनुरोध करता है। इस केस में समाज के सबसे खतरनाक लोग शामिल होते हैं।
हालात बिगड़ते-बिगड़ते इस हद तक पहुँच जाते हैं कि वकील जेल में पहुँच जाता है और मी-हो को उसे बाहर निकालने की जद्दोजहद करनी पड़ती है। सीरीज आगे बढ़ती है और कई एपिसोड ऐसे आते हैं जो थोड़े खींचे हुए और थकाऊ लगते हैं। लेकिन सबसे बड़ा झटका तब लगता है जब कहानी में मी-हो की मौत हो जाती है। यही वो पल था जिसने फैंस को हिलाकर रख दिया। सवाल ये है कि मी-हो को मरना ही क्यों पड़ा? उसकी मौत ने न तो कहानी में कोई गहराई जोड़ी और न ही दर्शकों को कोई चौंकाने वाला सरप्राइज दिया। बल्कि इसने लोगों को और ज्यादा कन्फ्यूज और निराश कर दिया।
Korean Odyssey

Korean Odyssey यानी Hwayugi की शुरुआत एक दमदार पैकेज के साथ हुई थी, जिसमें Fantasy, Romance, Horror और Comedy सब कुछ था। ये कहानी असल में मशहूर चीनी क्लासिक “Journey to the West” का मॉडर्न वर्ज़न है, लेकिन इसमें एक नया ट्विस्ट और इमोशनल गहराई दिखाई गई। ली सेउंग-गी का किरदार सोन ओह-गॉन्ग इस ड्रामा का सबसे मजबूत और शरारती पहलू है, वहीं ओह योन-सियो ने जिन सेओन-मी का रोल निभाया है।
जिन सेओन-मी वो लड़की है जिसे आत्माओं को देखने का श्राप मिला है और जिसकी किस्मत उसे पवित्र सैम-जंग बनने के लिए तैयार करती है। दोनों के बीच की केमिस्ट्री इतनी गहरी दिखाई गई कि दर्शक खुद को उनकी कहानी में खो देते हैं। शो का असली मसाला ये था कि सोन ओह-गॉन्ग एक जादुई कंगन की वजह से सैम-जंग से प्यार करने के लिए बाध्य हो जाता है। यही चीज दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है कि उसकी भावनाएँ असली हैं या सिर्फ एक जादू का असर।
शो के दौरान हमें कई यादगार पल देखने को मिले Zombie Girl जैसे अनोखे किरदार, मजेदार supernatural घटनाएँ और साथ ही दिल दहला देने वाले emotional सीक्वेंसेज। लेकिन असली झटका तब लगा जब इस खूबसूरत सफर का अंत आया। फिनाले में सैम-जंग खुद को बलिदान कर देती है और सोन ओह-गॉन्ग उसकी तलाश में पाताल लोक की ओर निकल पड़ता है। लेकिन दर्शकों को वो पुनर्मिलन नहीं मिला जिसकी उम्मीद थी। कहानी अचानक एक दुखद मोड़ पर खत्म हो गई और कई सवाल अधूरे रह गए।
इतनी strong build-up के बाद इस तरह का tragic end वाकई दर्शकों को निराश कर गया। कई लोगों ने महसूस किया कि शो ने closure देने की बजाय जान-बूझकर दर्द और अधूरी कहानी पर जोर दिया। शायद यही वजह है कि Korean Odyssey आज भी fans के बीच एक यादगार लेकिन दिल तोड़ देने वाले K-drama के तौर पर चर्चा में रहता है।
Alchemy of Souls Season 2

सीजन 1 की धमाकेदार सफलता के बाद, Alchemy of Souls: Season 2 – Light and Shadow से उम्मीदें बहुत बड़ी थीं। पहली बार इस सीरीज ने फैंटेसी, रोमांस और मैजिक वर्ल्ड का ऐसा ताना-बाना बुना था जिसने दर्शकों को दीवाना बना दिया। स्वाभाविक था कि सीजन 2 पर सबकी नजरें टिकी होंगी।
कहानी तीन साल बाद शुरू होती है और इस बार गो यूं-जंग, जिन बु-योन के किरदार में नजर आती हैं। लेकिन ट्विस्ट यह है कि उनके भीतर असल में नक्सू की आत्मा बसी हुई है। यही वो जगह है जिसने कई फैंस को कन्फ्यूज भी किया, खासकर वो लोग जो जंग सो-मिन के म्यू-देओक/नक्सू के रोल से गहराई से जुड़े हुए थे।
गो यूं-जंग और ली जे-वूक की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को देखने में मजा आया, लेकिन बहुत से दर्शकों को लगा कि सीजन 1 जैसी इमोशनल गहराई दोबारा महसूस नहीं हो पाई। सीजन का अंत भले ही विज़ुअली शानदार था, लेकिन इसमें वो जुड़ाव कम नजर आया जो फैंस को पहली सीरीज से मिला था। नक्सू का किरदार भी बदल चुका था। पहले वह तेज, चतुर और हत्यारे जैसी पर्सनैलिटी वाली थी, लेकिन इस बार उसका रूप कहीं ज्यादा शांत और सौम्य लगा। कुछ लोगों ने इसे किरदार के हीलिंग और ग्रोथ के रूप में देखा, वहीं कई दर्शकों को लगा कि इस बदलाव ने उसकी असली चमक को कम कर दिया।
दूसरी तरफ, सीजन की स्पीड भी थोड़ी हड़बड़ाई हुई लगी। बड़े-बड़े कॉन्फ्लिक्ट्स को जल्दबाजी में निपटा दिया गया और लंबे समय से बने इमोशनल बिल्ड-अप का असर उतना गहरा महसूस नहीं हुआ। कुल मिलाकर, Alchemy of Souls Season 2 विजुअल्स और रोमांस में तो डिलिवर करता है, लेकिन अगर आप सीजन 1 जैसी तीव्रता और इमोशनल कनेक्शन की उम्मीद कर रहे हैं, तो शायद थोड़ी निराशा हो सकती है। फिर भी, K-Drama के फैंस के लिए यह सीजन Netflix पर देखने लायक जरूर है।
Memories of the Alhambra

यह ड्रामा अपने कॉन्सेप्ट की वजह से शुरुआत से ही दर्शकों को खींच लेता है। सोचिए, एक ऐसा गेम जो असल जिंदगी के साथ मिलकर सब कुछ बदल देता है जहाँ दुश्मन वर्चुअल नहीं बल्कि हकीकत में खतरनाक बन जाते हैं। यही आइडिया Memories of the Alhambra को बाकी के-ड्रामा से अलग करता है।
ह्यून बिन का किरदार यू जिन-वू, एक टेक सीईओ होने के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ की जटिलताओं से भी जूझ रहा है, और अचानक इस जानलेवा गेम में फँस जाता है। वहीं पार्क शिन-हाय, जंग ही-जू के रोल में, अपने भाई की तलाश करते हुए कहानी का हिस्सा बनती है और धीरे-धीरे खुद भी गेम की दुनिया में उलझ जाती है।
शो की सबसे बड़ी ताकत इसकी शुरुआत है, जहाँ हर एपिसोड एक नया सस्पेंस छोड़ जाता है और दर्शकों को स्क्रीन से बाँधे रखता है। गेम और रियलिटी का मिक्स, शानदार लोकेशन्स, और दोनों एक्टर्स की केमिस्ट्री सीरीज को एक अलग स्तर पर ले जाते हैं। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, खासकर एपिसोड 14 के बाद, प्लॉट काफी जटिल और उलझा हुआ लगने लगता है। कई सबप्लॉट्स अचानक से खुलते हैं लेकिन ठीक से पूरे नहीं किए जाते।
कुछ जगह ऐसा लगता है कि मुख्य किरदारों की भावनाओं को नजरअंदाज कर बस ट्विस्ट्स दिखाए जा रहे हैं। फिनाले में दर्शकों को सबसे बड़ा झटका मिलता है। यू जिन-वू गेम की दुनिया में रह जाता है और ये साफ नहीं होता कि वह जिंदा है या हमेशा के लिए खो गया। सीरीज का अंत सवालों से भरा है, जवाबों से नहीं। यही वजह है कि कई फैंस को लगा कि उन्होंने इतना समय दिया लेकिन बदले में अधूरी कहानी मिली। फिर भी, अगर आप सस्पेंस और साइंस-फिक्शन ड्रामा पसंद करते हैं, तो Memories of the Alhambra देखने लायक है। यह शो आपको थ्रिल और इमोशन दोनों का अनुभव कराता है, बस आपको इसके अनसुलझे अंत के लिए तैयार रहना होगा।